अब के हम बिछड़े तो शायद, Romantic Shayari

अब के हम बिछड़े तो शायद, Romantic Shayari
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों
में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें,
ढूँढ उजड़े हुए लोगों में वफ़ा के मोती, ये ख़ज़ाने तुझे
मुम्किन है ख़राबों में मिलें…..!!!!